
कहते हैं, अगर किसी चीज़ को पूरे दिल से चाहो, तो पूरी कायनात उसे पाने में तुम्हारी मदद करती है। यह कहानी एक ऐसे इंसान की है जिसने अपने सपनों को कभी हालात के आगे झुकने नहीं दिया — क्योंकि उसके सपने सिर्फ उसके नहीं, लाखों भारतीय छात्रों के थे।
यह है — अलख पांडेय की कहानी, जिन्हें दुनिया “Physics Wallah” के नाम से जानती है।
बचपन की तंग गलियों में जन्मा एक बड़ा मकसद
1991 में प्रयागराज की एक सामान्य कॉलोनी में एक बच्चा पैदा हुआ। पिता ठेकेदारी करते थे, मां एक स्कूल में पढ़ाती थीं। घर में चैन की रोटी नहीं, लेकिन दिल में एक आग थी — कुछ करना है, बड़ा बनना है।
स्कूल में बच्चे उससे नोट्स मांगते, सवाल पूछते। उसमें एक शिक्षक की झलक तभी दिख जाती थी। लेकिन ये कोई आम टीचर बनने की कहानी नहीं थी, बल्कि एक ऐसे गुरु की शुरुआत थी जो भारत के educational system को हिला देने वाला था।
क्लास 8 में ही जब ज्यादातर बच्चे खेलने जाते थे, अलख घर-घर ट्यूशन पढ़ाने निकल पड़ते थे ताकि घर के खर्च पूरे हो सकें। शायद तभी किस्मत ने उन्हें सिखाया था कि मेहनत ही असली डिग्री होती है।
इंजीनियरिंग का सपना, लेकिन जुनून ‘पढ़ाने’ में

अलख को हमेशा साइंस से प्यार था। UPTU एग्ज़ाम क्लियर किया और HBTI कानपुर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में दाखिला मिला। लेकिन जैसे-जैसे सेमेस्टर बीतते गए, उन्हें एहसास हुआ कि मशीनें चलाना नहीं, दिमाग जगाना उन्हें ज्यादा पसंद है।
वो अक्सर कहते हैं —
“इंजीनियरिंग के फॉर्मूले तो समझ आ जाते थे, लेकिन दिल से निकलता था कि मैं ये दूसरों को कैसे समझाऊं?”
कॉलेज के दौरान आर्थिक तंगी इतनी बढ़ी कि उनके परिवार ने उनका फीस भरने के लिए अपना घर तक बेच दिया। शायद यही वो मोड़ था जिसने एक साधारण इंजीनियर को असाधारण शिक्षक में बदल दिया।
पहली क्लास, पहला स्टूडेंट, और एक नया रास्ता

कॉलेज छोड़ने के बाद अलख ने प्रयागराज में कोचिंग में पढ़ाना शुरू किया। शुरुआत में कुछ ही बच्चे आते थे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी क्लास इतनी लोकप्रिय हुई कि बाहर खड़े होकर बच्चे सुनते थे।
उनका तरीका अलग था — दिमाग से नहीं, दिल से पढ़ाते थे।
जहाँ दूसरे टीचर रटा-रटाया पढ़ाते थे, अलख हर कांसेप्ट को अपने अंदाज़ से जोड़ देते।
अगर कोई फ़ॉर्मूला समझ नहीं आता, तो वो कहते —
“Beta, ये सिर्फ Physics नहीं, जिंदगी का logic है — हर एक action का equal reaction होता है, समझे?”
YouTube का दौर और एक मोबाइल से बनी क्रांति (2016)
2016 का साल था, जब स्मार्टफोन और इंटरनेट धीरे-धीरे लोगों के हाथों में आ रहे थे।
अलख ने सोचा, क्यों न इस टेक्नॉलजी का इस्तेमाल कुछ अच्छा करने में किया जाए?
उन्होंने एक पुराना मोबाइल लिया, दीवार पर व्हाइट बोर्ड लगाया और शुरू किया YouTube चैनल — Physics Wallah।
ना प्रकाश, ना माइक्रोफोन, ना एडिटिंग टीम। बस एक सच्ची लगन और एक चॉक।
वीडियो बनते गए, बच्चे जोड़ते गए, और थोड़े समय में चैनल पर लाखों सब्सक्राइबर हो गए।
उनका स्टाइल था “हिंग्लिश” — न पूरा अंग्रेज़ी, न पूरा हिंदी — बिलकुल एक दोस्त की तरह जो आपको बोर्ड के tough concepts हंसी-खुशी समझा दे।
क्लासरूम से करोड़ों तक का सफर

2017 तक, Physics Wallah चैनल देश के हर कोने में पहुंच गया था।
छोटे शहरों के वो बच्चे, जिनके लिए कोटा या दिल्ली जाना मुश्किल था, अब अपने मोबाइल पर ही best teachers से पढ़ सकते थे।
छात्र कहते —
“अलख सर सिर्फ पढ़ाते नहीं थे, वो हमारे डर मिटाते थे।”
अलख कहते —
“Physics Wallah सिर्फ एक चैनल नहीं, ये उन बच्चों की आवाज़ है जो सपनों के साथ मेहनत करने को तैयार हैं।”
COVID-19 और Physics Wallah की सुनामी (2020)

जब 2020 में महामारी आई और सारी कोचिंग क्लास बंद हो गईं, लाखों छात्र घर में बैठ गए।
उसी वक्त Physics Wallah का ऐप लॉन्च किया गया।
पहले ही दिन सर्वर क्रैश हो गया क्योंकि इतना भारी ट्रैफिक किसी ने सोचा भी नहीं था।
जब बाकी EdTech कंपनियाँ कोर्स ₹40,000 तक बेच रही थीं, अलख ने कहा —
“हम ₹999 में देंगे, ताकि हर बच्चा पढ़ सके।”
और बस, उस दिन से भारत की शिक्षा की क्रांति ऑनलाइन हो गई।
प्रॉफिट के साथ यूनिकॉर्न बनने वाला पहला EdTech (2022)
Physics Wallah ने बिना नुकसान किए, बिना करोड़ों के विज्ञापन खर्च किए, 2022 में $100 मिलियन फंडिंग जुटाई।
कंपनी का वैल्यूएशन पहुंच गया $1.1 बिलियन — और इस तरह PW भारत का पहला प्रॉफिटेबल यूनिकॉर्न EdTech स्टार्टअप बन गया।
आज 2025 में, उसकी वैल्यू ₹30,000 करोड़ (लगभग $3.7 बिलियन) तक पहुंच चुकी है।
लेकिन अलख कहते हैं —
“मुझे वैल्यूएशन में नहीं, बच्चों के चेहरे की मुस्कान में मज़ा आता है।”
अब Physics Wallah सिर्फ एक कंपनी नहीं, एक आंदोलन है
आज, PW के पास 12 मिलियन+ YouTube subscribers, 10 मिलियन ऐप यूज़र्स और 50 से ज्यादा ऑफलाइन Vidyapeeth सेंटर हैं।
कंपनी अब सिर्फ NEET या JEE नहीं — UPSC, SSC, Defence, Banking जैसे कई क्षेत्रों में भी सस्ती शिक्षा दे रही है।
अलख हमेशा कहते हैं —
“Education को बिज़नेस बना दिया गया है — मैं उसे मिशन बनाना चाहता हूँ।”
प्यार, परिवार और निजी जीवन

ऑफिस के बाहर भी अलख का दिल उतना ही सच्चा है।
उन्होंने शिवानी दुबे से शादी की — जो एक पत्रकार थीं और अब उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं।
वो दोनों मिलकर अब युवाओं को प्रेरणा देने वाले कंटेंट पर काम करते हैं।
उनकी जिंदगी बिलकुल फिल्म जैसी लगी — एक ऐसा हीरो जो किताबों से नहीं, दिल से पढ़ता है।
अवॉर्ड्स और उपलब्धियाँ
- 2024 में “Digital Person of the Year (IDA Awards)”
- Hurun List 2024 में “Top Young Entrepreneurs Under 35”
- countless students cracked IITs, Medical Colleges, and UPSC – calling him “Alakh Bhaiya.”
संघर्ष से सीख
अलख पांडेय की कहानी सिर्फ एक बिज़नेस स्टोरी नहीं, बल्कि उस 1% इंसान की कहानी है जो हालातों को दोष नहीं देता — बल्कि उन्हें बदल देता है।
उन्होंने साबित किया —
“आपके पास पैसा नहीं, मोबाइल नहीं, साधन नहीं — लेकिन अगर जुनून है, तो दुनिया झुकेगी।”
आज Physics Wallah करोड़ों में नहीं, उम्मीद में गणना करता है,
जहां हर बच्चा कहता है —
“Thank you, Alakh Sir — आपने हमारे जैसे बच्चों को सपनो का हक़ दिया।”
अंतिम संदेश
अगर आप भी किसी सपने में विश्वास रखते हैं, तो Physics Wallah की कहानी याद रखिए —
क्योंकि असली Wallah वो है, जो हालात से नहीं, दिल से Physics सिखाता है।
इस तरह की प्रेरणादायक कहानियाँ और आर्थिक-साक्षरता से जुड़ी अपडेट्स के लिए रोज़ पढ़ते रहें 1% log – जहाँ हर कहानी आपको प्रेरणा और ज्ञान दोनों देती है।