
One of the best motivation story told by Siddhartha verma on quora lets appreciate him for the story
2006-07 का वो साल था, जब cricket मेरे लिए सिर्फ़ एक game नहीं, बल्कि एक जुनून था। मैं 9th class में पढ़ता था Sant Nirankari Public School में। Inter-school cricket tournament चल रहा था और Christian School, Pitampura का मैदान उस दिन दो मैचों का गवाह बनने वाला था।
हमारी स्कूल टीम भी tournament में खेल रही थी, पर पहला मैच ही हार गए (Sarvodaya School के खिलाफ, knockout था, सफ़र यहीं खत्म हो गया)। लेकिन मैंने वहीं रुकने का फ़ैसला किया, क्योंकि अगला मैच था – Vishal Bharti Public School बनाम A.G.D.A.V School। Vishal Bharti की तरफ से खेलने वाला लड़का कोई और नहीं, बल्कि Virat Kohli था।
उस दिन जो कुछ मैंने देखा, उसने मेरी ज़िंदगी की सोच बदल दी।
“वो पल, जब विराट कोहली पहली बार नज़र आए”
मैं अपने भाई की टीम A.G.D.A.V के camp में बैठा था। उनके coach थे Mr. Sanjay Sharma – जो उस वक्त दिल्ली cricket circle में बहुत बड़े नाम माने जाते थे। Toss हुआ, A.G.D.A.V ने fielding चुनी और Virat bat लेकर मैदान में उतरा।
और फिर… बस वहाँ से magic शुरू हुआ।
पहले कुछ overs में ही Virat की footwork ने सबको हैरान कर दिया। हर flick shot पर बल्ले से वो आवाज़ आती, जो किसी trained musician के sitar की तरह pure लगती। उसके hook shots इतने confident थे कि ball boundary तक जाते ही जाते।
Coach Sanjay Sharma, जो मेरे brother की टीम के साथ थे, बार-बार अपनी excitement छुपा नहीं पा रहे थे। वो लगातार बोल रहे थे:
- “My God! What a footwork!”
- “Excellent flick!”
- “Nice hook!”
- “He will be a great player in future!”
मैं हैरान था – “हमारे coach opponent player की इतनी तारीफ क्यों कर रहे हैं?” लेकिन Virat को खेलते हुए देखकर मुझे भी समझ आ गया – ये लड़का अलग है।
उस मैच में Virat ने 80+ runs ठोके, और नतीजा साफ था – A.G.D.A.V हार गई। पर उस दिन Virat Kohli का नाम मेरे दिल और दिमाग पर ऐसे छप गया, जैसे कोई permanent mark।
विराट की यात्रा – दिल्ली के मैदानों से विश्व क्रिकेट तक
उस दिन विराट को देखना बस एक शुरुआत थी। धीरे-धीरे उसकी मेहनत और लगन ने उसे वहाँ पहुँचाया जहाँ आज वो खड़ा है।
- दिल्ली क्रिकेट की शुरुआत
विराट ने वेस्ट दिल्ली के छोटे-छोटे मैदानों से क्रिकेट खेलना शुरू किया। सुबह 5 बजे उठकर प्रैक्टिस करना, फिर स्कूल जाना और उसके बाद दोबारा नेट्स में उतरना – यही उसकी दिनचर्या थी। - पहली बड़ी पहचान – अंडर-19 वर्ल्ड कप (2008)
मलेशिया में खेले गए इस टूर्नामेंट में विराट ने भारतीय टीम को जीत दिलाई। तभी दुनिया ने महसूस किया कि यह लड़का सिर्फ खेलना ही नहीं, बल्कि जीतना भी जानता है। - अंतरराष्ट्रीय डेब्यू (2008)
श्रीलंका दौरे पर पहली बार टीम इंडिया के लिए खेला। शुरुआत कठिन थी, लेकिन विराट ने हार मानना कभी नहीं सीखा। - टर्निंग पॉइंट – 2011 वर्ल्ड कप
भारत ने वर्ल्ड कप जीता और विराट उस विजेता टीम का हिस्सा था। सचिन तेंदुलकर के साथ बल्लेबाज़ी करना उसके करियर की सबसे बड़ी सीख बनी। - ‘रन मशीन’ का उदय
2012 से 2018 के बीच विराट ने वनडे क्रिकेट में ऐसे रिकॉर्ड बनाए जो सपने जैसे लगते हैं। चेज़ मास्टर, रन मशीन, किंग कोहली – हर नाम उस पर फिट बैठा। - कप्तानी का दौर
जब उसने भारतीय टीम की कमान संभाली, तो उसकी आक्रामकता और जीत की भूख हर मैच में झलकने लगी। विराट ने टीम इंडिया को निडर और जुझारू बना दिया।
विराट कोहली को खास क्या बनाता है? – 1% लोग के लिए सबक
अनुशासन (Discipline)
विराट की फिटनेस और डाइट आज हर युवा खिलाड़ी के लिए प्रेरणा है। उसने दिखा दिया कि सिर्फ़ टैलेंट काफी नहीं, सफलता पाने के लिए कठोर अनुशासन ज़रूरी है।
उद्देश्यपूर्ण आक्रामकता (Aggression with Purpose)
विराट का गुस्सा या जोश सिर्फ़ भावनाओं के लिए नहीं, बल्कि उसे जीत में बदलने का हथियार है। उसकी आक्रामकता हमेशा टीम के लिए फ़ायदेमंद रही।
लगातार प्रदर्शन (Consistency is the King)
विराट ने साबित किया कि महानता सिर्फ़ टैलेंट से नहीं आती, बल्कि लगातार मेहनत और निरंतर अच्छे प्रदर्शन से मिलती है।
झटकों को वापसी में बदलना (Turning Setbacks into Comebacks)
चाहे खराब फॉर्म हो या चोट, विराट हर बार और मज़बूत होकर वापसी करता है। यही मानसिकता 1% लोगों को बाकी 99% से अलग बनाती है।
The Boy I Saw, The Man World Sees Today
जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ, तो लगता है कि उस दिन मैंने सिर्फ़ Virat Kohli को नहीं देखा था, बल्कि एक legend का शुरुआती chapter देखा था।
2006-07 में Pitampura के ground पर जो लड़का 80 runs बना रहा था, वही आज cricket history के सबसे बड़े नामों में शामिल है।
उस दिन Coach Sanjay Sharma की बात मेरे कानों में अब भी गूंजती है –
“He will be a great player in future.”
और आज पूरी दुनिया इस बात की गवाह है।
A Message for All Dreamers
Virat Kohli की कहानी सिर्फ़ cricket की नहीं है। ये कहानी है discipline, मेहनत, और never-give-up attitude की।
अगर एक लड़का Delhi की गलियों से निकलकर दुनिया का सबसे बड़ा खिलाड़ी बन सकता है, तो हम सब भी अपने field में greatness हासिल कर सकते हैं। फर्क सिर्फ़ mindset और मेहनत का है।
याद रखो dost,
👉 “1% लोग ही history बनाते हैं… बाकी सिर्फ़ देखते हैं।”
Virat Kohli उन 1% लोगों में से है – और तुम्हें तय करना है कि तुम किसमें हो।